LATEST ARTICLES

importance of applying tilak
तिलक लगाने की परंपरा कब से और कैसे शुरू हुई यह बताना थोड़ा कठिन है, लेकिन यह परंपरा भारत में प्राचीनकाल से चली आ रही है। आज भी किसी आयोजन में आने वाले व्यक्ति का स्वागत-सत्कार तिलक लगाकर ही किया जाता है। विवाहित स्‍त्री अपने मस्तक पर कुंकुम का तिलक धारण करती है। शादी-विवाह या किसी मांगलिक कार्य में बहन-बेटी या महिलाएं...
mera-uttarakhand-story
बहुत समय पहले की बात है , दंडकपुर का एक बहुत प्रतिभाशाली राजा था , दूर-दूर तक उसकी समृद्धि की चर्चाएं होती थी, उसके महल में हर एक सुख-सुविधा उपलब्ध थी पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था। उसने कई ज्योतिषियों और पंडितों से इसका कारण जानना चाहा, बहुत से ज्योतिषियों और विद्वानो से मिला, किसी ने...
golu-devta-temple-almora
उत्तराखंड को भगवानो का निवास स्थान बताया गया है यहा तीर्थस्थलो के साथ साथ कई पौराणिक कथाये भी महशूर है। अभी तक आपने भक्तो को मंदिरों में जाकर अपनी मुरादें मांगते देखा होगा, लेकिन उत्तराखंड के अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में स्थित गोलू देवता (golu Devta) के मंदिर में केवल चिट्ठी भेजने से ही मुराद पूरी  हो जाती है। साथ ही...
mere gaon ki yaade
अपनी गॉवो की यादो को अपने साथ समेटे हुए .. ऐ मेरे गांव की सड़को , ऐ मेरे गांव में बिताये हुए मेरे बचपन की यादो... मैं जा रहा हु । तुझसे दूर... जाने का तो बिलकुल मन नहीं कर रहा, पर फिर भी दिल में पत्थर रख कर जा रहा हु " शहर की ओर "  ऐ मेरे गांव...
Boondi ka Raita
उत्तराखंड में बहुत सारी ऐसी रेसिपी (recipe) है जिसे हम घर में आसानी से बना सकते है । इनमे से एक रेसिपी है बूंदी का रायता । बूंदी का रायता एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट रायता है जो कुछ ही मिनटों में आसानी से बनाया जा सकता है। इसे पराठे, सब्जी, बिरयानी और पुलाव जैसे अन्य व्यंजन के साथ परोसा जाता...