हम सब ही अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी कुछ  समय के लिए परेशान जरूर होते हैं मगर डिप्रेशन (depression) यानी अवसाद उससे कहीं ज़्यादा लंबा, गहरा, और ज़्यादा दुख दायक होता है.

इसकी वजह से लोगों की अपनी ज़िंदगी से रुचि धीरे धीरे ख़त्म होने लगती है और रोज़मर्रा के कामकाज से मन भर जाता है.

आइये जानते है अवसाद है क्या?

अभी तक ये पूर्ण रूप से नहीं बताया जा सका है कि अवसाद (avsaad) आख़िर होता किस वजह है, मगर यह माना जाता है कि इसमें कई चीज़ों की बहुत अहम भूमिका होती है.

ज़िंदगी के कई महत्वपूर्ण पड़ाव जैसे- किसी करीबी की मौत, नौकरी चले जाना या फिर शादी का टूट जाना, आम तौर पर अवसाद की मुख्य वजह बनते हैं.

इनके साथ ही अगर आपके मन (mind) में हर समय कुछ बुरा (negative) होने की आशंका रहती है तो इससे भी अवसाद में जाने का ख़तरा रहता है. इसके तहत लोग हमेशा सोचते रहते हैं ” मैं तो हर चीज़ में विफल हूँ मुझे यह रहने का कोई फायदा नई है “.

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कुछ मेडिकल कारणों यानी दवा इत्यादि से भी लोगों को अवसाद होता है, जिनमें एक है थायरॉयड की कम सक्रियता होना. कुछ दवाओं के साइड इफ़ेक्ट्स से भी अवसाद हो सकता है. इनमें ब्लड प्रेशर कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएँ शामिल हैं.

इतना ही नहीं अवसाद (avsaad) बिना किसी एक ख़ास कारण के भी हो सकता है. ये धीरे-धीरे घर कर लेता है और बजाए मदद की कोशिश के आप उसी से संघर्ष करते रहते हैं.

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मस्तिष्क के रसायन अवसाद में किस तरह की अपनी भूमिका अदा करते हैं अभी तक ये भी पूरी तरह नहीं समझा जा सका है. मगर ज़्यादातर विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि ये सिर्फ़ दिमाग़ में किसी तरह के असंतुलन की वजह से ही नहीं होता.

अवसाद के मुख्य लक्षण (Symptoms of Depression)

1- मूड यानी मिज़ाज.

सामान्य तरह की उदासी इसमें नहीं आती लेकिन किसी भी काम या चीज़ में मन न लगना, काम में कोई रुचि न होना, किसी भी बात से कोई खुशी न होना , यहां तक गम का भी अहसास न होना अवसाद का लक्षण है.

2- विचार

यानी हर समय नकारात्मक सोच होना. हमेशा कुछ गलत होने की आशंका होना .

3- शारीरिक

जैसे नींद न आना या बहुत ज्यादा नींद आना. रात को 2-3 बजे नींद का खुलना और अगर यह दो सप्ताह से अधिक चले तो अवसाद की निशानी है.

अवसाद किसे हो सकता है?

इसका एक छोटा जवाब है- ये किसी को भी हो सकता है.

वैसे शोध से पता चलता है कि इसके पीछे कोई आनुवांशिक वजह भी हो सकती है. इसके तहत कुछ लोग जब चुनौतीपूर्ण समय से गुज़र रहे होते हैं तो उनके अवसाद में जाने की आशंका अधिक रहती है.

जिन भी लोगों के परिवार में अवसाद का इतिहास रहा हो वहाँ लोगों के डिप्रेस्ड (depression) होने की भी आशंका ज़्यादा होती है.

अवसाद से बचने के तरीक़े

1. नियमित रुप से नींद लेना

2. अच्छा खाना (Healty food) और समय पर खाना

3. तनाव तो सभी को होता है लेकिन ऐसा विचार रखना कि इसे कैसे कम रखना है

4. महत्वाकांक्षा को उतना ही रखना जितना हासिल करना संभव हो

5. परिवार के साथ जुड़े रहना

6. अपने कार्य में व्यस्त और मस्त रहना

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