hindu-dharma-8-prahar
हिन्दू धर्म (Hindu Dharma) में समय की बहुत ही वृहत्तर धारणा है। आमतौर पर इस समय में मिनट, सेकंड, घंटे, रात-दिन, माह, वर्ष, दशक और शताब्दी तक की ही प्रचलित धारणा है, परन्तु अगर हम हिन्दू धर्म की बात करे तो हिन्दू धर्म में एक अणु, तृसरेणु, त्रुटि, वेध, लावा, निमेष, क्षण, काष्ठा, लघु, दंड, मुहूर्त, प्रहर या याम, दिवस,...
garuda-purana-unraveling-the-secret-of-death
जहां एक ओर वेदों को हिन्दू धर्म के पवित्र दस्तावेजों के तोर पर देखा जाता है वहीं ग्रंथ और पुराण इसकी रीढ़ की हड़ी कहे जा सकते हैं, जिनके बिना हिन्दू धर्म अधूरा माना जाता है। इन्हें हिन्दू धर्म के ऐसे दर्शन शास्त्रों की संज्ञा दी जाती है जो धर्म, समाज और सभ्यता, सभी का मिलाजुला स्वरूप हैं। मृत्यु जीवन...
importance of applying tilak
तिलक लगाने की परंपरा कब से और कैसे शुरू हुई यह बताना थोड़ा कठिन है, लेकिन यह परंपरा भारत में प्राचीनकाल से चली आ रही है। आज भी किसी आयोजन में आने वाले व्यक्ति का स्वागत-सत्कार तिलक लगाकर ही किया जाता है। विवाहित स्‍त्री अपने मस्तक पर कुंकुम का तिलक धारण करती है। शादी-विवाह या किसी मांगलिक कार्य में बहन-बेटी या महिलाएं...
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बहुत समय पहले की बात है , दंडकपुर का एक बहुत प्रतिभाशाली राजा था , दूर-दूर तक उसकी समृद्धि की चर्चाएं होती थी, उसके महल में हर एक सुख-सुविधा उपलब्ध थी पर फिर भी अंदर से उसका मन अशांत रहता था। उसने कई ज्योतिषियों और पंडितों से इसका कारण जानना चाहा, बहुत से ज्योतिषियों और विद्वानो से मिला, किसी ने...
golu-devta-temple-almora
उत्तराखंड को भगवानो का निवास स्थान बताया गया है यहा तीर्थस्थलो के साथ साथ कई पौराणिक कथाये भी महशूर है। अभी तक आपने भक्तो को मंदिरों में जाकर अपनी मुरादें मांगते देखा होगा, लेकिन उत्तराखंड के अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में स्थित गोलू देवता (golu Devta) के मंदिर में केवल चिट्ठी भेजने से ही मुराद पूरी  हो जाती है। साथ ही...